सोना ग्राम पंचायत कानपुर शहर से 20/25 किलोंमिटर की दूरी पर है! यहाँ पर आने जाने के लिए संम्पर्क मार्ग बना हुआ है! पर यह्न पर साधन नही है! लोग अपने साधन से आते जाते है! एवम् रेलवे क्रासिंग से शहर (भौंती) के लिए टैक्शी मिलती है! इस ग्राम पंचायत में पाँच गाँव आते है!जिसमे सोना ग्राम पंचायत भी सम्मलित है! अन्य चार गाँव आते है! ये सभी गाँव छोटे-छोटे है! यहाँ सभी लोग साधारण तौर-तरीके से ही रहते है! यहाँ घर आदि तो पक्के एवम् कच्चे बने है! पर उनका रख-रखाव सहदरण ही है! लगभग सभी के पास (गाय, भैंस, बकरी, बैल) आदि जानवर भी है! जिनसे कृषि का कार्य किया जाता है!
कृषि
गाँव वालों के पास खेती करने के लिए पर्याप्त खेती है जिसमें वे लोग अपनी सुविधा के अनुसार फसल लगाते है खेतों में धान, गेंहूँ, मक्का, बाजरा, जौ, मटर, चना, दाल, गन्ना, एवं सब्जी आदि की खेती करते है और कुछ लोगों के बाग भी है जिसमें आम, अमरूद, जामुन आदि के पेड़ लगे है!
गाँव वालों के पास खेती करने के लिए पर्याप्त खेती है जिसमें वे लोग अपनी सुविधा के अनुसार फसल लगाते है खेतों में धान, गेंहूँ, मक्का, बाजरा, जौ, मटर, चना, दाल, गन्ना, एवं सब्जी आदि की खेती करते है और कुछ लोगों के बाग भी है जिसमें आम, अमरूद, जामुन आदि के पेड़ लगे है!
रहन – सहन
इस गाँव का रहन-सहन लगभग साधारण ही है जैसा की हर गाँव में होता है यहाँ के लोग कच्चे एवं पक्के मकान में रहते है जो लोग ग़रीब है उनको सरकार की तरफ से इंदिरा आवास के तहत मकान दिए गये है और जो सक्षम है वे अपने बनाएँ हुए मकान में रहते है गाँव के अधिकतर लोग खेती पर निर्भर है और कुछ लोग नौकरी भी करते है चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट सभी लोग कुछ ना कुछ काम करते रहते है ताकी अपना और अपने परिवार का पेट भर सके!
संसाधन / सुविधा
ग्राम पंचायत में सभी गाँव मे कुल मिलाकर 01 पोखर है जिनसे गाँव वालों का काम होता है इन पोखरों, नहर से खेतों की सिचाई, गाँव के जानवरों को पीने का पानी एवं गाँव के बच्चे इन पोखरों / नहर में नहाते है गाँव की महिलाएँ कपड़े आदि भी धोती है गर्मी के समय इन पोखरों / नहर से गाँव वालों को पानी की ज़्यादा समस्या नही होती है और इनका काम होता रहता है! गाँव पंचायत में कुएँ भी है!
व्यक्तिगत संसाधन
ग्राम पंचायत में कुल हॅंडपंप लगे हुए है जो की गाँव के लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार अपने-अपने घरों में लगा रख्खे है और कुछ हॅंडपंप ग्राम पंचायत ने सार्वजनिक लगाएँ है ताकि रह चलने वालों को पानी की समस्या न हो!
मानव संसाधन
ग्राम पंचायत के सभी गाँवों को मिलाकर करीब पंचायत में 80 प्रतिशत मजदूर, 20 प्रतिशत नौकरी एवं व्यापारी लोग रहते है किसान अपनी खेती करते है मजदूर खेतों एवं फॅक्टरी, दुकानों में मजदूरी, कुछ सरकारी-कुछ प्राइवेट नौकरी करते है और अपना एवं अपने परिवार का पालन पोषण करते है!
ग्राम पंचायत में सांस्कृतिक भवन नही है पर यदि गाँव में कोई कार्यक्रम जैसे- शादी, होली, दीपावली, ईद, बकरीद आदि कार्यक्रम गाँव वाले मिल कर कराते है उसके लिए सांस्कृतिक भवन / सरकारी स्कूल के भवन आदि ले लेते है और कार्यक्रम समाप्त होने के पश्चात उसकी साफ-सफाई भी करते है!
यातायात के साधन
ग्राम पंचायत रोड से ज्यादा दूर नही है अतः किसी भी जगह से आने जाने के लिए बस और प्राइवेट साधन उपलब्ध हैं, परंतु सड़क से ग्राम पंचायत तक जाने के लिए पैदल या अपनी सवारी से यात्रा करनी पड़ती है पर कुछ ही दूर के लिए| यहाँ से कुछ ही दूरी पर रेलवे स्टेशन है!
सुविधाएँ
स्वास्थ सुविधा
ग्राम पंचायत में एक स्वास्थ केंद्र है जिसमें एक एम. बी. बी. एस. डॉक्टर, एक समान्य डॉक्टर, एक नर्स, एक ए. एन. एम. बैठिति है एवं गाँव वालों का इलाज करते है स्वास्थ केंद्र होने की वजह से गाँव वालों को समान्य बीमारी के लिए शहर नही जाना पड़ता है उसका इलाज यहीं हो जाता है!
कृषि सुविधा
गाँव वालों के पास खेती करने के लिए पर्याप्त खेती है जिसमें वे लोग अपनी सुविधा के अनुसार फसल लगाते है खेतों में धान, गेंहूँ, मक्का, बाजरा, जौ, मटर, चना, दाल, गन्ना, एवं सब्जी आदि की खेती करते है और कुछ लोगों के बाग भी है जिसमें आम, अमरूद, जामुन आदि के पेड़ लगे है!
संचार सुविधा
पंचायत में लगभग 05% बेसिक टेलिफोन फोन है जो की भारत संचार निगम लिमिटेड के है और 85% लोगों के पास मोबाइल फोन है, और गाँवों में पी. सी. ओ. भी है|
बिजली सुविधा
इस पंचायत में लाइट की ज़्यादा समस्या नही है गाँव में लगभग 10 से 14 घंटे लाइट आती है जिसे गाँव वालों को कोई समस्या नही होती है पर लाइट का समय सही न होने के कारण कभी-कभी समस्या उत्पन्न हो जाती है!
रोज़गार सुविधा
फैक्टरी : इस ग्राम पंचायत के आस पास औधोगिक क्षेत्र नही है इस लिए यहाँ पर फैक्टरी कम या ना के बराबर है इस लिए लोगों के पास रोजगार कम है जिसके लिए उन्हे गाँव बाहर जाना पड़ता है |
गाँव में : गाँव में कृषि, पशुपालन, डेरी, सब्जी आदि का व्यपार होता है| मुस्लिम लोग मुर्गी पालन करते है, करीब गाँव में सभी प्रकार की फसलों की पैदा वार होती है|
बैंक:- इस ग्राम सभा मे एक एस. बी. ई. बैंक है!
रोज़गार
नौकरी: पंचायत में लगभग 20% लोग नौकरी करते है (सरकारी), 80% लोग किसानी, मजदूरी करते है
फैक्टरी: इस ग्राम पंचायत के आस पास औधोगिक क्षेत्र नही है इस लिए यहाँ पर फैक्टरी कम या ना के बराबर है इस लिए लोगों के पास रोजगार कम है जिसके लिए उन्हे गाँव बाहर जाना पड़ता है |
गाँव में: गाँव में कृषि, पशुपालन, डेरी, सब्जी आदि का व्यपार होता है| करीब गाँव में सभी प्रकार की फसलों की पैदा वार होती है|
किसान अपनी खेती करते है मजदूर खेतों एवं फॅक्टरी, दुकानों में मजदूरी, कुछ सरकारी-कुछ प्राइवेट नौकरी करते है और अपना एवं अपने परिवार का पालन पोषण करते है
विकास कार्य
ग्राम पंचायत के द्वारा गाँवों में कच्ची सड़क एवं पक्की सड़क का निर्माण, ग्राम पंचायत भवन का निर्माण, गाँवों के किनारे पक्की नलियों का निर्माण एवं तालाबों का सुंद्रीकरण कराना तथा गाँवों के प्राइमॅरी स्कूल की मरम्मत करवाना आदि| ग्राम प्रधान के द्वारा गाँवों के विकास के लिए गाँवों में तरह-तरह के कार्यक्रम का आयोजन कराना|

